देश की आजादी के प्रेरणा स्त्रोत थे स्वामी विवेकानंद

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अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर व्याख्यान का आयोजन


दिव्य विश्वास

मेरठ।  देश की आजादी के प्रेरणा स्त्रोत थे स्वामी विवेकानंद। उन्होंने देश का आह्रान किया था कि वह 50 साल तक भारत माता की पूजा करें, तभी देश को आजादी मिलेगी। खुद महात्मा गांधी ने भी कहा था कि विवेकानंद को पढ़कर ही मेरे अंदर हजार गुना देशभक्ति जाग्रत हो गई। यह बात चौधरी चरण सिंह विवि में स्वामी विवेकानंद की जयंती व युवा दिवस पर प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जेनंद कुमार ने कही।

विवि के बृहस्पति भवन में आयोजित विचार गोष्ठी में जेनंद कुमार ने कहा कि विवेकानंद का सपना था कि भारत एक शक्तिशाली देश बने। उनके बताए मार्ग पर चलने से देश को शक्तिशाली बनाया जा सकता है। शिक्षाविद डा. दर्शन लाल अरोड़ा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को याद करना ही सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपने ज्ञान ने पूरी दुनिया में डंका बजा दिया था। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानंद के कृतित्व व व्यक्तित्व को जानना चाहिए। उन्होंने जो बोला उसे कर दिखाया। स्वामी जी ने कहा था कि अपनी शक्ति का उपयोग सही जगह पर करना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन संस्कृति की उच्चता पर विश्वास रखना चाहिए। स्वामी विवेकानंद ने दुनिया में भारतीय संस्कृति और ज्ञान की पहचान कराई। स्वामी विवेकानंद से पहले भी लोग विदेश गए और आए। हर किसी ने अपने देश की हीन भावना को रखते हुए पश्चिमी की सभ्यता का बखान किया, लेकिन विवेकानंद ने दुनिया को भारतीय संस्कृति का लोहा मानने के लिए मजबूर किया। कार्यक्रम में उद्यान विभाग में कार्यरत स्वच्छताकर्मी उषा को शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। ललित कला विभाग में आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत किए गए। राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पवन कुमार शर्मा, प्रो. बीरपाल सिंह, डा. विवेक त्यागी, प्रो. पीके मिश्रा, प्रो. रूपनारायण, प्रो. विघ्नेश कुमार, प्रो. भूपेंद्र सिंह, मितेंद्र कुमार गुप्त आदि रहे। इससे पहले कुलपति ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।

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