वन नेशन वन एनवायरमेंट पर वेबिनार का आयोजन

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जंगलों में वृक्ष की कटाई को रोकें, लगाएं पौधे

     कीटनाशक की जगह जैविक को बढ़ावा दें : प्रो० नरेंद्र कुमार तनेजा

दिव्य विश्वास, सवांददाता

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। समय-समय पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा अनेकों कार्यक्रम जैसे पर्यावरण एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान जिसने अंतर्गत इको ब्रिक कैम्पेन व कोरोना के लिए जागरूकता अभियान (22-12-2020) और मैन-वाइल्ड कनफ्लिक्ट ,हस्तिनापुर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी वन विभाग के साथ कराये जाते रहे हैं l इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए और कोविड जैसी गंभीर समस्या का सामना करते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय स्तर पर ‘वन नेशन वन एनवायरनमेंट’ विषय पर एक ऑनलाइन सामूहिक चर्चा/ विचार-विमर्श प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक आयोजन दिनांक 19 जनवरी 2021 को किया ।

इस सामूहिक विचार-विमर्श प्रतियोगिता की अध्यक्षता माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा ने की। कुलपति  प्रोफेसर नरेंद्र कुमार तनेजा ने पर्यावरण के बारे में और इसके संरक्षण के बारे में सभी को अवगत कराया तथा प्रत्याशियों को शुभकामनायें भी दीं। मुख्य ज्यूरी प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई विमाला ने भी अपने संबोधन के ज़रिये बच्चों का हौसला बढ़ाया । पूरे ‘पर्यावरण संरक्षण गतिविधि’ के अंतर्गत ‘एनवायरनमेंट यूथ फोरम 2021’ का नेतृत्व पर्यावरण नोडल अधिकारी प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने किया। कार्यक्रम 4 चरणों (स्लॉट्स) में हुआ जिसके ज्यूरी मेम्बर्स में प्रति-कुलपति प्रोफेसर वाई. विमाला, प्रोफेसर भूपेन्द्र सिंह, प्रोफेसर स्नेहलता जसवाल, प्रोफेसर शैलेन्द्र शर्मा, डॉ अश्वनी शर्मा और डॉ धर्मेन्द्र प्रताप सम्मिलित थे । पूरी प्रतियोगिता में 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने आवेदन भरा और उनमें से लगभग 75 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया । सभी आवेदन, पत्राचार और प्रतियोगिता का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल को निभाते हुए ऑनलाइन तरीके से जूम प्लेटफार्म पर किया गया तथा सामाजिक दूरी बनाई रखी गई। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के 15 से 20 महाविद्यालयों और विभागों की उपस्थिति रही, जिनके नाम हैं – 

  • चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग
  • शहीद मंगल पाण्डेय गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज
  • आई. पी. कॉलेज बुलंदशहर
  • एस डी कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट
  • आई.ए.एम.आर. गाज़ियाबाद
  • एल. आर. कॉलेज, गाज़ियाबाद
  • वीआईटी कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, मेरठ
  • डी. एन. कॉलेज मेरठ
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज
  • विद्यावती मुकंद लाल गर्ल्स कॉलेज
  • राम चमेली चड्डा कॉलेज
  • एम एम एच डिग्री कॉलेज
  • लाजपत राय कॉलेज
  • एन ए एस डिग्री कॉलेज
  • एच एल एम ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट 

सभी प्रतिभागियों को 13 निर्धारित विषय दिए गए थे जिनमें से किसी एक विषय पर एक से दो मिनट तक अपने विचार हिंदी, इंग्लिश या हिंदी-इंग्लिश माध्यम से व्यक्त करने का मौका दिया गया । प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा की और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये ।नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकॉनोमी) विषय के अंतर्गत छात्रों ने समुद्रों और महासागरों में बढ़ते हुए प्लास्टिक के सूक्ष्म कणों के कारण जैव विविधता में आई कमी के बारे में अवगत कराया । वृक्षों की कटाई के कारण हुए जंगलों के विनाश को भी जैव विविधता में आई कमी का कारण बताया गया l वन्य जीव संरक्षण की महत्ता भी प्रतिभागियों ने बताई। छात्रों ने प्राकृतिक आपदा से बचने के भी कई तरीके सुझाये । इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट से बढे हुए प्रदूषण से निपटने के लिए जैवनिम्निकरनिय (बायोडिग्रेडेबल) और गैर-जैवनिम्निकरनिय (नॉन- बायोडिग्रेडेबल) तरीकों की भी चर्चा हुई। कीटनाशक की जगह पर जैविक नियंत्रण को बढ़ावा देने की भी बात छात्रों ने रखी । प्रतिभागियों ने कम से कम समय में भी (एक से दो मिनट) बहुत ही सराहनीय प्रदर्शन किया । प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर गंभीर चर्चा की और अपने-अपने विचार प्रस्तुत किये ।नीली अर्थव्यवस्था (ब्लू इकॉनोमी) विषय के अंतर्गत छात्रों ने समुद्रों और महासागरों में बढ़ते हुए प्लास्टिक के सूक्ष्म कणों के कारण जैव विविधता में आई कमी के बारे में अवगत कराया। वृक्षों की कटाई के कारण हुए जंगलों के विनाश को भी जैव विविधता में आई कमी का कारण बताया गया । वन्य जीव संरक्षण की महत्ता भी प्रतिभागियों ने बताई । छात्रों ने प्राकृतिक आपदा से बचने के भी कई तरीके सुझाये । इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट से बढे हुए प्रदूषण से निपटने के लिए जैवनिम्निकरनिय (बायोडिग्रेडेबल) और गैर-जैवनिम्निकरनिय (नॉन- बायोडिग्रेडेबल) तरीकों की भी चर्चा हुई । कीटनाशक की जगह पर जैविक नियंत्रण को बढ़ावा देने की भी बात छात्रों ने रखी । प्रतिभागियों ने कम से कम समय में भी (एक से दो मिनट) बहुत ही सराहनीय प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान ज्यूरी ने सभी के विचारों को सुन कर उनका मूल्यांकन किया और उनमें से विजयी प्रतिभागी का नाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जायेगा । कार्यक्रम का अंत डा. अश्वनी शर्मा और प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता ने धन्यवाद् ज्ञापन से किया ।

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