उपराष्ट्रपति ने नेताजी बोस को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

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सुभाष चंद जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने के सरकार के निर्णय की सराहना की।

 

नई दिल्ली,(एजेंसी):उपराष्‍ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेने तथा गरीबी,अशिक्षा,सामाजिक और लैंगिक भेदभाव,भ्रष्‍टाचार और संप्रदायवाद को खत्‍म करने के लिए कार्य करने की अपील की।
उपराष्‍ट्रपति ने ये टिप्‍पणियां नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर, जिसे देशभर में ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है, हैदराबाद के एमसीआर एचआरडी संस्‍थान के फाउंडेशन कोर्स में भाग ले रहे अधिकारी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कीं।
‘पराक्रम’ या साहस को नेताजी के व्‍यक्तित्‍व का सबसे विशिष्‍ट गुण बताते हुए उपराष्‍ट्रपति ने देश के लोगों को प्रोत्‍साहित करने के लिए नेताजी के जन्‍मदिन को ‘पराक्रम दिवस’ मनाने के सरकार के निर्णय की प्रशंसा की।
नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए उन्‍होंने कहा कि नेताजी एक करिश्‍माई नेता थे और स्‍वतंत्रता आंदोलन के सबसे अग्रणी व्‍यक्तित्‍व में से एक थे जिनका विश्‍वास था कि भारत की प्रगति के लिए हमें जाति, पंथ, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठने तथा खुद को पहले भारतीय समझने की आवश्‍यकता है।
नेताजी के विश्‍वास कि शिक्षा चरित्र निर्माण और मानव जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है, का उल्‍लेख करते हुए श्री नायडू ने सार्थक शिक्षा के लिए तथा भारत के एक शिक्षा केन्‍द्र तथा ज्ञान आधारित अर्थव्‍यवस्‍था के रूप में उभरने के लिए अध्‍ययन एवं अध्‍यापन की हमारी पद्धतियों के पुनर्निर्माण की अपील की।
इस कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित रहने वालों में एमसीआर एचआरडी संस्‍थान के महानिदेशक हरप्रीत सिंह,संस्‍थान के अपर महानिदेशक बेनहर महेश दत्‍ता एक्‍का,संकाय,कर्मचारी तथा प्रशिक्षु अधिकारी शामिल थे।

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