बुलंदशहर नगर पालिका द्वारा शहर की जनता से वसूली करने का अपनाया एक और नया तरीका

अन्य क्राइम देश-दुनिया

प्राइवेट संस्था के नाम पर नगर पालिका द्वारा की जाएगी लोगों से अवैध वसूली

दिव्य विश्वास,संवाददाता
बुलंदशहर: जनपद मे जनता से अवैध वसूली करने का नगर पालिका परिषद में कार्यरत चेयरमैन मनोज गर्ग द्वारा अपनाया गया एक और नया फंडा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार देश को स्वच्छ बनाने के लिए चलाए गए स्वच्छ भारत मिशन में भी नगरपालिका ने ढूंढा कमाई का नया जरिया।जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा स्वयं एक प्राइवेट संस्था हिंडोन एंटरप्राइसेज को दिया गया ठेका।इस ठेके के दौरान नगर पालिका द्वारा पहले से ही चल रही दो टू डोर कूड़ा कलेक्शन गाड़ी में कूड़ा डालने वाले लोगों को प्रत्येक माह कटवानी होगी ₹50 की पर्ची। जबकि आपको बता दें कि पहले से ही नगर पालिका परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा दिया जा रहा है वेतन।तो फिर आखिर क्यों जनता से वसूली करने का नगर पालिका ने निकाला नया फंडा। यह अभी तक सोचने का विषय बना हुआ है। अगर बात की जाए नगर पालिका परिषद के सभी कार्यों की तो कहीं ना कहीं आप पहले से भी परिचित है कि नगर पालिका द्वारा हाउस टैक्स में भी वृद्धि कर दी गई है। उसके बावजूद भी ₹50 प्रति माह सफाई के नाम पर प्राइवेट लोगों को टेंडर देकर जनता से नगर पालिका द्वारा रसीद कटवाना कहां तक उचित है।अगर बात की जाए हाउस टैक्स की तो हाउस टैक्स में भी कहीं ना कहीं पहले से काफी हद तक वृद्धि नगर पालिका द्वारा की गई है। जिससे यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो सफाई के नाम पर आज ₹50 की पर्ची कट रही है वह आने वाले समय में किस हद तक नगर पालिका द्वारा बढ़ाई जा सकती है। वहीं अगर बात की जाए बेरोजगारी की तो कहीं ना कहीं नगर पालिका द्वारा पुराने सफाई कर्मचारियों को हटाकर भी नए लोगों को ठेका देना क्या वाकई उचित है। जबकि काफी समय से नगरपालिका या किसी भी संस्थान में जो व्यक्ति काफी मेहनत के साथ अपने कार्य को बखूबी अंजाम देता है, उसके बाद भी उसके कार्यों के चलते उसे कार्यमुक्त कर नए व्यक्ति को रख लिया जाता है या प्राइवेट संस्था को ठेका देकर उनके नाम पर भी कमाई की जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *