नाला निर्माण प्रकरण में अपर आयुक्त सहारनपुर मंडल ने 9 माह बाद भेजी जांच टीम

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जानसठ: टीम ने सभासद के आरोपों को ठीक माना। इस्टीमेट की कुल चालीस लाख रुपए की राशि में से सात लाख रुपए शिकायत के बाद घटाये गये। सभासद द्वारा नाला निर्माण में घटिया सामग्री और पुरानी ईटों के इस्तेमाल का लगाया था आरोप। कस्बे के मौहल्ला हुसैनपुरा उत्तरी वार्ड नंबर-5 में हर्षी स्वीट्स से लेकर लगभग 130 मीटर लंबे नाले का निर्माण कार्य नगर पंचायत जानसठ द्वारा कराया गया था। जिसमें वार्ड सभासद द्वारा आधा दर्जन बिंदुओं पर अपर आयुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर को एक शिकायती पत्र देते हुए जांच की मांग उठाई गई थी। जिसमें उपजिलाधिकारी जानसठ जयेंन्द्र कुमार,ग्रामीण अभियंत्रण विवरण अधिकारी सतबीर सिंह सहित आधा दर्जन अधिकारीयो की जांच टीम मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पंचायत जानसठ के पत्रांक संख्या 258 के 15वें वित्त आयोग से नगर पंचायत जानसठ द्वारा चालीस लाख रुपए का इस्टीमेट तैयार कर इस नाले का निर्माण कार्य कई माह पूर्व पूर्ण करा दिया गया था। इसी वार्ड नंबर-5 के सभासद अनुज सैनी ने इस्टीमेट मे बताई गई 90 प्रतिशत नई ईटों की अपेक्षा शत-प्रतिशत पुरानी पूर्व में बने नाले की ईंटों को निकाल कर उन्ही पुरानी ईंटों से पूरे नाले की दीवार का निर्माण कार्य कराए जाने,नाला निर्माण में कच्ची रोड़ी इस्टीमेट में दिखाई गई जिसकी लागत साठ हजार है। नाले की साइड पटरियों का भराव तीन लाख रुपए दिखाए जाने। वहीं मौके पर निर्माण में कच्ची रोड़ी नहीं डाले जाने तथा निर्माणाधीन नाले में स्लैब में स्टील बार की स्पेसिंग गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप नहीं किए जाने सहित आधा दर्जन बिंदुओं पर जांच की मांग उठाई गई थी।

उप जिलाधिकारी जानसठ जयेंन्द्र कुमार , ग्रामीण अभियंत्रण विवरण अधिकारी सतबीर सिंह सहित आधा दर्जन अधिकारियों की जांच टीम मौके पर पहुंचकर जांच करती हुई।

सभासद द्वारा 11 दिसंबर 2020 को जिस समय इस नाले का निर्माण कार्य चल रहा था उस समय अपर आयुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर को शिकायती पत्र भेजा था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के 9 माह बाद आज जांच टीम मौके पर पहुंची जिसने गहनता के साथ जांच की। उपजिलाधिकारी जानसठ जयेंन्द्र कुमार ने जब मौके पर मौजूद नाला ठेकेदार जाकिर रंगरेज से इन बिंदुओं पर पूछा तो वह संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए। वही मौके पर मौजूद नगर पंचायत जानसठ के जेई ने बताया कि इस नाले का पूर्व में इस्टीमेट चालीस रुपए का था। जब वार्ड नंबर-5 के सभासद अनुज सैनी द्वारा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को शिकायती पत्र भेजा गया तो निर्माणाधीन नाले के समय ही जांच अधिकारियों ने सभासद के आरोपों को सही मानते हुए बनाए गए इस्टीमेट में से सात लाख की बड़ी राशि स्टीमेट में से घटाकर कुल करीब तैंतीस लाख का भुगतान नगर पंचायत जानसठ द्वारा संबंधित ठेकेदार को किया गया। सभासद का कहना है कि नाले की साइट पटरियों पर आईएसआई मार्क की ईटे नहीं लगाई गई। वहीं नाले की दोनों ओर की साइड पटरिया कुछ दिनों बाद ही नीचे दब गई है,जिससे मौहल्लेवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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