महापंचायत में बोले टिकैत- अब इनको वोट की चोट देनी होगी, 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान

उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया मेरठ मंडल

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत जारी है। इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चे ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान कर दिया है। महापंचायत के आयोजन की घोषणा के बाद से ही किसानों के अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। इस ऐलान से साफ है कि किसान अभी आंदोलन को और लंबा चलाएंगे।
मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। ऐसे में पहले से ही महापंचायत में कोई बड़ा ऐलान होने के कायस लगाए जा रहे थे और ऐसा हुआ भी। किसान मोर्चा ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया। इससे पहले मोर्चे ने 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया था।
वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने पंचायत में सहयोग करने वाले और मीडिया का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि 9 महीने से लाखों लोग दिल्ली को घेरे बैठे हैं। 22 जनवरी से सरकार से हमारी बातचीत बंद है। अब तक हमारे सैकडों किसान शहीद हो गए हैं लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया।
राकेश टिकैत ने आगे कहा कि देश की संपत्ति को बेचने वालों की पहचान करनी होगी, सिर्फ यूपी और उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में मीटिंग करनी होगी। टिकैत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि रेल, जहाज और हवाईअड्डे बेचे जाएंगे, ये बातें आपके घोषणा में नहीं थी।
‘भारत सरकार की पॉलिसी, भारत बिकाऊ है’
राकेश टिकैत ने आगे कहा कि देश की संपत्ति को बेचने वालों की पहचान करनी होगी, सिर्फ यूपी और उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में मीटिंग करनी होगी। टिकैत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि रेल, जहाज और हवाईअड्डे बेचे जाएंगे, ये बातें आपके घोषणा में नहीं थी।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि दूसरा धोखा प्राइवेट बिजली बेचना है, सड़क बेची जाएगी, हाईवे के 500 मीटर में कोई दूकान भी नहीं लगा सकता। LIC और बैंक बेच दिया, FCI के गोदाम अडानी को बेच दिए, देश के बंदरगाह और समुद्र तट भी बेच दिए। इससे नमक और मछली पालन करने वाले किसानों को नुक्सान हुआ है। इस सरकार में नदियां बेची जा रही है। भारत बिकाऊ है, ये भारत सरकार की पॉलिसी है।
क्या योगी सरकार कमजोर है?
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र और बाबा भीम राव अंबेडकर का संविधान भी ख़तरे में है, खेती और किसानी भी बिकने के कगार पर आ गई है। आज हाईवे पर 10 साल पुराने ट्रेक्टर नहीं चला सकता। सरकार ने गन्ने के रेट बढ़ाने का वायदा किया था। पहली सरकार ने 80 और 50 रुपए बढ़ाए थे। क्या योगी सरकार उनसे कमजोर है ?
चुनाव में हार का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महापंचात के मंच से पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है। इस दौरान कई किसान नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी को उखाड़ फेंकने के बात भी कही। एक रिपोर्ट के अनुसार मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। मंच पर राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव समेत कई नेता मौजूद हैं।
पीएम मोदी और सीएम योगी के खिलाफ लगे नारे
किसान महापंचायत के मंच पर मौजूद अभिमन्यु कुमार ने कहा कि मुजफ्फरनगर में 2011 में बीजेपी की साजिश सफल हो गई थी। उन्होंने हमारे किसानों को धर्म और जाति के नाम पर बांट लिया था। बीजेपी और आरएसएस के अच्छे दिन और इस देश के किसानों के बुरे दिन शुरू हो गए थे। इसके बाद अभिमन्यु कुमार ने पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.