समाधान दिवस में भिड़े तहसीलदार जानसठ और पूर्व विधायक ,मारपीट की नौबत।

उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया मेरठ मंडल
  • तहसीलदार अभय कुमार पांडे पर पूर्व में भी लग चुके हैं भ्रष्टाचार के आरोप।

  • समाधान दिवस की कवरेज न करने को लेकर पत्रकारों में रोष

जानसठ: संपूर्ण समाधान दिवस आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए शुरू किया गया था। लेकिन इसमें कितना समाधान हो रहा है उसकी बानगी जानसठ तहसील में उस समय देखने को मिली जब भाजपा के ही दो बार रहे पर्व विधायक अपनी समस्याओं को लेकर दो साल से चक्कर काट रहे है। समाधान होता न देख उन्होंने तहसीलदार को जमकर खरी खोटी सुनाई तो मारपीट की नौबत आ गई। जानसठ कोतवाल डीके त्यागी ने किसी तरह से दोनों का बीच बिचाव कराया।
जानसठ से भाजपा के दो बार विधायक रहे पूर्व विधायक सुरेश तितौरिया जानसठ ‌तहसील मुख्यालय पहुंचे तो वहां पर संपूर्ण समाधान दिवस चल रहा था। जिसमें जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर चंद्र भूषण व एसएसपी अभिषेक यादव सभागार कक्ष में समस्याएं सुन रहे थे। तभी सभागार कक्ष के बाहर ही पू्र्व विधायक व तहसीलदार अभय कुमार पांडे समस्या को लेकर भिड गए। मामला इतना बढ़ा की दोनों में हाथापाई की नोबत आ गई। जिसे देख कर जानसठ इंस्पेक्टर डीके त्यागी बीच में गए और दोनों को शांत कराया। पूूर्व विधायक ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु हुए करीब दो साल हो गए। उनके परिवार ने बैठकर एक वसीयत पहले ही तैयार करा रखी थी। जिसके बाद उन्होंने वसीयत के अनुसार नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर दिया। पूर्व विधायक ने बताया कि वह चार भाई है। लेकिन मैने अपना हिस्सा भी अन्य तीनों के नाम करने के लिए ही वसीयत तैयार कराई थी। उन्होंने बताया कि सालों धक्के खाने के बाद जानसठ तहसीलदार अभय कुमार पांडे ने नाम चढाए तो गलत चढ़ा दिए बाद में उसको ठीक कराने के लिए कहा तो वारिस के आधार पर सब के नाम चढा दिए। वह सालों से वसीयत के आधार पर ही नाम चढाने के लिए कह रहे है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। भाजपा के पूर्व विधायक ने बाद में डीएम से मिलकर सारी बाते बताई तो डीएम ने दोनों को शांत करते हुए शीघ्र उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
पत्रकारों पर भडके डीएम
जब पूर्व विधायक व तहसीलदार के बीच हुए विवाद को डीएम सुन रहे थे तो वहां कुछ पत्रकाराें ने कवरेज करने की कोशिश की। तो डीएम ने उन्हें धमकाकर बाहर निकाल दिया। बाद में डीएम ने फरमान जारी करते हुए बताया कि कोई भी पत्रकार संपूर्ण समाधान दिवस में अंदर आकर कवरेेज नहीं करेगा। वह बाहर रहकर ही फरियादी से बात कर सकता है। बाद में दिवस अधिकारी से जानकारी ले सकता है। जिसके बाद पत्रकारों में रोष फैल गया। उन्होंने इस फैसले का विरोध करते हुए आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार को बैठक बुलाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *