पूर्ति निरीक्षक जानसठ ने माना की धड़ल्ले से हो रही है बायोडीजल पंप पर पेट्रोल की बिक्री

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जानसठ: सरकार द्वारा किसानों को सस्ता और सुलभ डीजल उपलब्ध कराने की मंशा से जानसठ तहसील क्षेत्र में बायोडीजल पंप लगवाए गए थे। जिससे किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के साथ-साथ ट्रैक्टर आदि में बायोडीजल आसानी से उपलब्ध हो सके। लेकिन यहां जानसठ तहसील क्षेत्र के गांव ककरौली, गढ़ी, खुजेड़ा, जटवाड़ा, खाईखेड़ा, भलेडी, कवाल, सलारपुर, जौली, मोरना, मीरापुर, रामराज सहित दर्जनों गांवो में बिना लाइसेंस के बायोडीजल पंप चल रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि यहां चंद लोगों पर ही बायोडीजल पंप के लाइसेंस हैं।
वह भी मोटा मुनाफा कमाने के लालच में दुपहिया वाहनों में पेट्रोल की खुली बिक्री कर रहे हैं जिससे क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। विदित हो कि क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग में कुछ माह पूर्व दो लोगों की बायोडीजल पंप पर झुलसने से मौत भी हो चुकी है। लेकिन स्थानीय आपूर्ति निरीक्षक विभाग की उदासीनता के चलते यहां क्षेत्र में धड़ल्ले से बायोडीजल पंपों पर पेट्रोल की खुली बिक्री की जा रही है।

  पूर्ति निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा

जब इस बाबत जानसठ तहसील क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक अनिल कुमार वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह मानते हैं कि क्षेत्र में बायोडीजल पंपों पर पेट्रोल की बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि बायोडीजल पंप विक्रेता आठ-दस लीटर पेट्रोल खरीद कर ले आते हैं जिसको वह फुटकर में दुपहिया वाहनों को बेच देते हैं।

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