रालोद के हंगामे के बाद ममता का पर्चा हुआ वैध

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रालोद वरिष्ठ नेता मजहर अली अपने सैंकड़ो समर्थकों के साथ बागपत पहुंचे

बागपत: बागपत जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर सियासी ड्रामा थमने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को एक बार फिर बड़ा खेल खेला गया। कुछ घंटे पहले तक तो जिला प्रशासन यह दावा कर रहा था कि रालोद की प्रत्याशी ममता जयकिशोर ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, लेकिन रालोद के हंगामे के बाद जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया है और ममता जयकिशोर का पर्चा वैध घोषित कर दिया है।
बागपत में जिला पंचायत की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिले में अनुसूचित जाति की केवल दो महिलाएं ममता जयकिशोर और बबली निर्वाचित हुई थी। जिनमें से एक रालोद और दूसरी सपा में शामिल थी। भारतीय जनता पार्टी ने भाजपा की कोई अनुसूचित जाति की जिला पंचायत की सदस्य ना जीतने के कारण बबली को भाजपा पार्टी में शामिल कराकर अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था। नामांकन के दिन बीजेपी ने सुबह चार बजे ममता जयकिशोर को भी भाजपा में शामिल करने की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना बन गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ममता जयकिशोर ने रालोद में वापसी की घोषणा करते हुए अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। मंगलवार की सुबह ममता के नाम वापसी की चर्चा फैल गई, जबकि ममता ने फेसबुक लाइव कराकर बताया कि वो जयपुर राजस्थान के भरतपुर में अपने दोनों प्रस्तावकों और जिला पंचायत के 14 सदस्यों के साथ मौजूद है। उनके नाम से नामांकन वापसी की बात कही जा रही है वो फर्जी है। जिसके बाद रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पर हंगामा कर दिया। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के दिशा-निर्देश पर लोनी से रालोद के वरिष्ठ नेता मजहर अली अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बागपत पहुंचे और उन्होंने कलक्ट्रेट का घेराव कर जमकर हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया और जिला प्रशासन ने ममता का नामांकन वैध घोषित कर दिया है। अब ममता और भाजपा की बबली के बीच मुकाबला होगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि जिस महिला ने ममता के नाम पर नामाकंन वापिस लिया है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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