जन आंदोलन से होगा टीबी का खात्मा

आगरा मंडल उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया
  • शासन के निर्देश के बाद जिला क्षयरोग विभाग चलाएगा अभियान।
  • दिसंबर तक हर महीने क्षय रोग उन्मूलन के लिए संचालित होंगी गतिविधियां।

आगरा: भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन कोविड-19 के कारण राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में आई बाधा को दूर करने के लिए अब जन आंदोलन चलाया जाएगा। इसमें विशेष अभियान चलाकर टीबी के प्रति लोगों को जागरुक किया जाएगा और टीबी संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग करके उनकी जांच की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरसी पांडेय

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरसी पांडेय ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आहवान के बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को जन आंदोलन कैंपेन के रूप में चलाए जाने का आहवान किया है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डा.यूबी सिंह

जिला क्षय रोग अधिकारी डा.यूबी सिंह ने बताया कि एक जुलाई से टीबी रोग के खात्मे के लिए जन आंदोलन कैंपेन की शुरूआत हो जाएगी। इसमें निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर ब्लॉक स्तर पर जन जागरुकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही निर्माण इकाईयों और कारखानों में जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरुक किया जाएगा और कैंप लगाकर संभावित मरीजों की जांच की जाएगी।
डीटीओ ने बताया कि दिसंबर तक जन आंदोलन कैंपेन के लिए कैलेंडर बनाया गया है। इसमें हर महीने क्रमवार क्षय रोग उन्मूलन के लिए कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। जुलाई माह में गर्भवती महिलाओं के लिए टीबी पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। पंचायती राज संस्थाओं और धार्मिक नेताओं के सहयोग से ब्लॉक स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे और लोगों को निक्षय शपथ दिलाई जाएगी।
डीटीओ ने बताया कि वर्ष 2019-20 और 2021 में चिह्नित किए गए क्षय रोगियों की जियो टैगिंग(रोगी की ऑनलाइन लोकेशन) निक्षय पोर्टल पर अपडेट कराई जा रही है। जिससे कि क्षय रोगियों की मॉनिटरिंग में अप्रत्याशित लाभ मिलेगा। साथ ही 18 साल से कम आयु के क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को एनजीओ के सहयोग से पोषण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे कि इस जन आंदोलन को आयाम मिल रहा है।
जिला पीपीएम समन्वयक कमल सिंह ने बताया कि अगस्त माह में इंडेक्स टीबी रोगी के हाउस होल्ड कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाएगी। इसके साथ ही उच्च संवेदनशील मलिन बस्तियों में विशेष जांच शिविरों
का आयोजन किया जाएगा। आईसी सामग्री का वितरण करके टीबी की रोकथाम के लिए लोगों को जागरुक किया जाएगा। इसके साथ ही दिसंबर तक कैलेंडर के अनुसार गतिविधियों का संचालन करके जन आंदोलन कैंपेन को गति दी जाएगी।
ऐसे संचालित होगा माहवार जन आंदोलन
जुलाई धार्मिक नेताओं के समन्वय के साथ जागरुकता एवं मलिन बस्तियों में कैंप का आयोजन
अगस्त- टीबी की रोकथाम के लिए फेंफड़ों का स्वास्थ्य
सितंबर- टीबी व पोषण
अक्टूबर- बच्चों एवं युवाओं की सहभागिता
नवंबर- टीबी कैंप का आयोजन
दिसंबर- कंलक शमन

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