निर्जला एकादशी पर लगाई शर्बत की प्याऊ,किया दान पुण्य

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पुरानी तहसील मार्ग स्थित सत्संग भवन पर शर्बत की प्याऊ लगाकर राहगीरों को बांटा। इस मौके पर राजू भाई हरीश शर्मा मदनलाल छोटेलाल आदि थे। गोंड़ा मार्ग स्थित प्राचीन पथवारी मंदिर पर शर्बत की प्याऊ लगाई गई। ठंडा शर्बत पीने के लिए काफी संख्या में लोगों की लाइन लगी रही।
अलीगढ़: इगलास नगर सहित ग्रामीण अंचल में निर्जला एकादशी पर्व मनाया गया। लोगों ने ब्राह्मणों को दान कर पुण्य अर्जित किया। जगह-जगह शर्बत की प्याऊ भी लगवाई गई।

पुरानी तहसील मार्ग स्थित सत्संग भवन पर शर्बत की प्याऊ लगाकर राहगीरों को बांटा।

प्‍याऊ लगाकर बांटा शर्बत
पुरानी तहसील मार्ग स्थित सत्संग भवन पर शर्बत की प्याऊ लगाकर राहगीरों को बांटा। इस मौके पर राजू भाई,हरीश शर्मा, मदनलाल,छोटेलाल आदि मौजूद थे। गोंड़ा मार्ग स्थित प्राचीन पथवारी मंदिर पर शर्बत की प्याऊ लगाई गई। ठंडा शर्बत पीने के लिए काफी संख्या में लोगों की लाइन लगी रही। लोगों ने भीषण गर्मी में ठंडा शर्बत पीकर राहत महसूस की। इस मौके पर सुमित अग्रवाल,हेमंत कुमार,मयंक उपाध्याय,भूरा सिंह,प्रवीन जिंदल,सतेन्द्र चौधरी,अमित अग्रवाल आदि मौजूद थे। आचार्य मयंक उपाध्याय ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते है। इस व्रत में पानी का पीना वर्जित है, इसीलिए इसे निर्जला एकादशी भी कहते है।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से रखा व्रत और किया दान
सोमवार को निर्जला एकादशी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हरि की पूजा अर्चना कर विधि-विधान से व्रत रखा। वही शर्बत,ऋतु फल, हाथ का पंखा,वस्त्र आदि का दान कर पुण्य अर्जित किया।

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