दो दिवसीय साप्ताहिक बंदी औचित्यहीन:लोकेश अग्रवाल

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  • उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत की प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न।
  • बिजली सप्लाई कोड 2005 के अनुसार बिजली के बड़े बिल किस्तों में जमा करें सरकार।

मेरठ: उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश पंजीकृत की प्रदेश स्तरीय एक बैठक रविवार को गूगल मीट पर संपन्न हुई।जिसमें व्यापारियों ने लॉकडाउन के बाद लागू 2 दिवसीय साप्ताहिक बंदी को अव्यवहारिक बताते हुए उसे खत्म करने की मांग की। व्यापारी नेताओं ने कहा कि बाजार की व्यवहारिक दिक्कत यह है कि वीकेंड पर ग्राहक बाजार के लिए निकलता है और तब बाजार बंद मिलता है। चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो अथवा निजी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी, सामान्यतः शनिवार और रविवार यह 2 दिन ऐसे होते हैं जो परिवार के साथ खरीदारी करने बाजार में जाते हैं। ऐसे में तब बाजार बंद मिलता है तब उन्हें तो निराशा होती ही है,व्यापार का भी लगातार घाटा होता है।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने कहा कि आज व्यापार को ऑक्सीजन की जरूरत है, व्यापार न चलने कारण आज उसका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा है। उसे ऊपर उठाने के लिए बाजारों की पुरानी साप्ताहिक बंदी के अलावा सभी दिन खोले जाएं।
उन्होंने कहा कि जब रेस्टोरेंट व पार्क खुल सकते हैं तो विवाह मंडप क्यों नहीं। विवाह मंडप से केवल उसके मालिकों की ही नहीं अपितु वहां अनेक प्रकार के काम करने वाले सैकड़ों गरीब घरों की जीविका जुड़ी होती है। विवाह मंडप बंद है,इसलिए फूल वाले,सजावट वाले, वेटर,हलवाई सब परेशान हैं। काम न मिलने के चलते यह सब आज भुखमरी के कगार पर हैं।
बिजली विभाग द्वारा व्यापारियों के उत्पीड़न के मुद्दे पर बोलते हुए लोकेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले 2 महीने से बाजार बंद होने चलते बिजली के बिल जमा नहीं हुए। जैसे ही लॉकडाउन खुलना शुरू हुआ विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने व्यापारियों व उद्यमियों का उत्पीड़न शुरू कर दिया।
लोकेश अग्रवाल ने प्रदेश सरकार से मांग की हैं कि बिजली के बिल जमा ना होने के चलते अगले 2 महीने तक कोई कनेक्शन ना काटा जाए। साथ ही जिनके बड़े बिल हैं उनको विद्युत सप्लाई कोड 2005 के अंतर्गत किस्तों में भुगतान करने की छूट दी जाए।
बैंको द्वारा किये जा रहे प्रताड़ना के मुद्दे पर व्यापार मंडल ने वर्ष 2020 तथा 2021 में व्यापारियों के बैंक खाते में जोड़े गए ब्याज को वापस कराने तथा व्यापारियों के सभी प्रकार की बैंको की किस्त जमा कराने के लिए 31 दिसंबर 2021 तक का समय बढ़ाये जाने की मांग की।
लोकेश अग्रवाल ने केंद्र सरकार से मांग की बैंकों द्वारा व्यापारियों से की जा रही वसूली कार्रवाई 31 मार्च 2022 तक स्थगित की जाय। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों के सभी प्रकार के लोन अकाउंट 31 मार्च 2022 तक एन.पी.ए.ना किए जाये और व्यापारियों को उनके टर्नओवर के आधार पर 20 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाए जिससे वह अपना कारोबार पुनः स्थापित कर सकें तथा देनदारी का भुगतान कर सके।
बैठक में रजनीश अग्रवाल बिजनौर, मनोज अग्रवाल सुल्तानपुर, मनोज अग्रवाल औरंगाबाद, निमेष अग्रवाल बुलंदशहर, प्रदीप गंगा अलीगढ़, राधेश्याम अग्रवाल हाथरस, नवनीत शोन्टू बदांयू, मुनव्वर खान फिरोजाबाद, आलोक बंसल मथुरा, जफर शमशी पीलीभीत, अरविंद कुमार जौनपुर, संजय गहरवार मिर्जापुर, धर्मेंद्र गुप्ता लखनऊ, नरेश गोयल सहारनपुर, दीपक कुमार देवबंद, आशीष सिंहल बहसुमा, नीरज जैन मुजफ्फरनगर, अभिषेक आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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