नवजात बच्चों को स्तनपान अवश्य कराएं

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  • कोरोनाकाल में मां का पहला गाढ़ा पीला दूध देना अति आवश्यक।
  • साफ-सफाई से कराएं स्तनपान।

फिरोजाबाद: कोविड-19 से बचाव के लिए इन दिनों बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि बच्चों की इम्युनिटी मजबूत रहे। नवजात बच्चों के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार है, इससे ही उसे इम्युनिटी मिलेगी। इसलिए नवजात बच्चों को मां स्तनपान अवश्य कराएं।
स्तनपान कराते वक्त सुरक्षा का रखें ध्यान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.नीता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मां बच्चों को स्तनपान कराते वक्त सुरक्षा का ध्यान रखें। वे बच्चों को मास्क पहनकर स्तनपान कराएं। स्तनपान कराने से पहले मां को अपने हाथों को साबुन से अच्छी प्रकार से धो लें और स्तन को भी साफ कर लें। स्तनपान कराते समय खांसी और छीन्क आने पर मुंह घूमा लें।
सीएमओ ने बताया कि अगर माँ को कोविड पॉजिटिव हो गई है तो भी कोविड प्रोटोकॉल के साथ बच्चे का स्तनपान जारी रखा सकता है। स्तनपान कराते वक्त मां को बचाव के उपायों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे- मास्क पहनें, स्तनपान से पहले स्तन को अच्छी तरह से साफ कर लें। उन्होंने बताया कि मां के दूध से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता है। कोरोना का संक्रमण खांसने या छींकने पर बूंदों और एरोसेल के माध्यम से फैलता है।यदि मां पूरी सावधानी के साथ अपने स्वच्छता व्यवहार पर ध्यान दें तो स्तनपान करने पर भी संक्रमण से बचा जा सकता हैं।
सीएमओ ने बताया कि “बच्चे को जन्म के एक घंटे के भीतर पीला गाढ़ा दूध पिलाना जरूरी होता है,क्योंकि वही उसका पहला टीका होता है जो कि कोरोना जैसी कई बीमारियों से बच्चों की रक्षा कर सकता है। इसके अलावा मां के दूध में एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और जिनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है उनको कोरोना से आसानी से बचाया जा सकता है। शुरू के छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध देना चाहिए क्योंकि उसके लिए वही सम्पूर्ण आहार होता है। इस दौरान बाहर का कुछ भी नहीं देना चाहिए। यहां तक कि पानी भी नहीं,क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक रवि कुमार ने बताया कि “बदलते मौसम के दौरान यदि मां बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रही है तो वह बच्चे को पूरी सावधानी के साथ स्तनपान कराये। ऐसी स्थिति में मॉस्क पहनकर ही बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। खांसते और छींकते समय अपने मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढक लें। छींकने और खांसने के बाद, बच्चे को अपना दूध पिलाने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन और पानी से 40 सेकण्ड तक धोएं। किसी भी सतह को छूने से पहले उसे साबुन या सेनेटाइजर से अच्छी तरह से साफ कर लें।
डीसीपीएम ने बताया कि “यदि मां स्तनपान कराने की स्थिति में नहीं है तो वह मॉस्क पहनकर अपना दूध साफ कटोरी में निकालकर और साफ कप या चम्मच से बच्चे को दूध पिला सकती है। इसके लिए भी बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है कि अपना दूध निकालने से पहले हाथों को साबुन व पानी से अच्छी तरह से धोएं, जिस कटोरी या कप में दूध निकालें उसे भी साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ कर लें।

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