मानसिक रूप से मजबूत रहकर दें कोरोना को मात

अलीगढ़ मंडल उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया
  • काउंसलर ने दिए मानसिक स्वास्थ्य सुझाव।
  •  शारीरिक दूरी रखें,लेकिन भावनात्मक रूप से बने रहें साथ।

कासगंज: कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज़ों को जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर अरुण शर्मा ने दिए कुछ मानसिक स्वास्थ्य से संबधित सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के माहौल में लोग थोड़े डरे हुए हैं। तनाव में अपने आपको मरीज़ और उनके परिजन भी मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस नहीं कर रहें हैं। उन्होंने बताया इस माहौल में मुख्य रूप से तीन सवाल हमारे सामने आते हैं।
पहला है-अनिश्चिता: इस स्थिति में हमें अपने मरीज के लिए जो दिन की प्लानिंग करनी है वो उसी दिन के लिए करनी है लम्बे समय के लिए नहीं। चाहे वो योजना खाने की हो या सोने की हो,दवा की हो आराम की हो। ऐसा करने से घर वाले और मरीज दोनों तनाव रहित रहेंगे।
दूसरा है- डर और बेचैनी : इस स्थिति में हमें रेसलिंग बढ़ानी होगी,मतलब हमारे पास जो साधन है उन्ही से अपनी एन्जाइटी या बेचैनी को दूर करना होगा,जिससे डर पूर्ण रूप से खत्म हो जायेगा। जिस भी शक्ति में आप भरोसा रखते हैं या जो भी आस्था आपको आशावादी बनाती है और सकारात्मकता लाती है उससे प्रार्थना,दुआ अपने लिए और अपनों के लिए कर सकते हैं। यदि आप व्यायाम करने की स्थिति में हो तो चाहे रोज़ 15 मिनट ही सही, ज़रूर करें। इन सभी तकनीक से हम शारीरिक के साथ साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होते हैं, जिससे हमें कोरोना संक्रमण से जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलेगी और बीमारी के प्रति हमारी बेचैनी कम होगी।इससे हमारा भय कम होगा|
तीसरा है -स्टिगमा या लेबिल लगना या जिसे आप टैग कह सकते हैं: कोविड -19 के इस माहौल में हम स्टिगमा से बच सकते हैं सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए-जैसे आप जहां भी गाँव, मौहल्ला,गली में रहते हैं उस जगह पर कोविड -19 मरीज़ है तो आपको दूरी रखते हुए उनकी मदद करनी चाहिए। आप उनसे फोन पर उनका हाल पूछ सकते हैं व उनकी ज़रूरत की सामग्री उनको उपलब्ध कराने में उनकी मदद कर सकते हैं। जैसे उन्हें बाजार से सामान लाकर मुहैया करा दें। दवा और अन्य फल या खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करा दें। ऐसा करने से उनको अच्छा तथा अपनापन महसूस होगा। बीमारी से स्वास्थ्य होने में मदद मिलेगी। इससे तनाव का स्तर कम होगा यदि ऐसा हो तो शारीरिक दूरी रखते हुए भावनात्मक रूप से उनकी मदद करें, इस तरह आप मरीज़ व उनके घर वालों की मदद कर सकते हैं। मरीज़ से शारीरिक दूरी रखें मानसिक व भावनात्मक दूरी नहीं,तनाव का सीधा संबंध रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता की लड़ाई कोरोना से होती है इसलिए कम तनाव उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीज़ों को तुरंत स्वास्थ्य होने में साथ मिलता है।

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