तंबाकू सेवन से कमजोर होती है इम्युनिटी

आगरा मंडल उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया
  • कोरोना का संक्रमण होने पर हो सकती है गंभीर समस्या 
  • तंबाकू का सेवन बढ़ाता है कई रोग।

आगरा: विश्व में हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन कई अभियानों के जरिए लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरुक किया जाता है। इस दिन लोगों में जागरुकता फैलाई जाती है कि तंबाकू सेहत के लिए जानलेवा भी हो सकता है। कोरोना काल में इसका सेवन और खतरनाक है क्योंकि इसके सेवन से इम्युनिटी कमजोर होती है।
हर साल विश्व तंबाकू निषेध दिवस एक थीम के अनुसार मनाया जाता है। इस बार तंबाकू निषेध दिवस 2021 की थीम है “कमिट टू क्विट टुडे एंड साइन द प्लेज” रखी गई है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं तंबाकू नियंत्रण अभियान नोडल अधिकारी डा.पीके शर्मा

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं तंबाकू नियंत्रण अभियान के नोडल अधिकारी डा.पीके शर्मा ने बताया कि तंबाकू के सेवन से इम्युनिटी कमजोर होती है। ऐसा देखा गया है कि तंबाकू का सेवन करने वाले ज्यादातर लोगों को कोरोना संक्रमण ने ज्यादा प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इसके सेवन बहुत सी बीमारियों का कारण बन सकती है। जैसे कैंसर,हृदय रोग,दमा,फालिस आदि। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन करने वालों को हृदय रोग ज्यादा होता है,क्योंकि तंबाकू के सेवन हमारी खून की नलिया,धमनियां संकुचित हो जाती है जिससे उसमें खून का बहाव कम होने से हार्ट अटैक,फालिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। इसके सेवन से पुरुषों में नपुंसकता होती है।
डा.पीके शर्मा ने बताया कि जो लोग तंबाकू की लत में हैं और वे तंबाकू छोड़ना चाहते हैं तो जिला अस्पताल में जाकर इसका उपचार करा सकते हैं,वहां पर दवा के साथ-साथ तंबाकू छोड़ने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोटपा कानून 2003 के तहत सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट पीने पर 200 रुपये का जुर्माना भी है।

 विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

डा.पीके शर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा एक टोल फ्री नम्बर 1800112356 दिया गया जिस पर आप तम्बाकू छोड़ने के लिए काल कर सलाह ले सकते हैं।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पहली बार डब्ल्यूएचओ द्वारा मनाया गया था। दरअसल,इसकी शुरुआत तब हुई जब साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों की वजह से मृत्युदर में वृद्धि को देखते हुए इसे एक महामारी का दर्जा दिया। विश्व तंबाकू निषेध दिवस को पहली बार 7 अप्रैल 1988 को डब्लूएचओ की एनीवर्सरी के दिन मनाया गया। लेकिन इसके बाद इसे लिए एक तारीख निर्धारित की गई और विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर साल 31 मई को मनाया जाने लगा।

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