बेहतर तालमेल से मिलते है प्रभावी परिणाम: प्रधानमंत्री मोदी

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  • प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से किया जिलाधिकारियों से संवाद
  • आमजन में सामूहिक जिम्मेदारी का भाव करें पक्का, सामान्य मानव का विष्वास विजय की कुंजी: प्रधानमंत्री मोदी
  • कोरोना मुक्त ग्रामो की बढ़ाये संख्या, वैक्सीनेशन कलेण्डर बनाकर करें व्यापक प्रचार-प्रसार-: प्रधानमंत्री मोदी
  • कोरोना महामारी से लड़ाई में निरंतर चेंज, निरंतर अपगे्रडेशन व निरंतर इनोवेशन बहुत जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी

मेरठ: कोरोना महामारी के नियंत्रण को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करके उनके नए प्रयासों और अनुभव को जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप लोग फील्ड में जाते हैं लोगों से बात करते हैं। प्रत्येक जिले की अपनी अलग समस्या है,उसके समाधान के लिए नए नए तरीके खोजते हैं। आपके अनुभव पूरे देश में महामारी से मुकाबला करने की रणनीति बनाने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आप अपने अपने अनुभव और नव प्रयोग को प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजें।
प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के मेरठ समेत छह जिलों के जिलाधिकारी को शामिल किया गया था। प्रधानमंत्री ने सात राज्यों के एक-एक जिलाधिकारी के प्रयासों को सुना। उत्तर प्रदेश से केवल बरेली जनपद को मौका मिला। मेरठ से जिलाधिकारी के.बालाजी अपर निदेशक स्वास्थ्य डा.राजकुमार,सीएमओ समेत तमाम अधिकारी एनआईसी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उपस्थित रहे।
जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जिले में आप सबसे बड़े योद्धा हैं। 100 वर्षों में आई इस आपदा में आप लोगों को अहम जिम्मेदारी मिली है। आप लोग फील्ड में जाकर समस्याओं को अपनी आंखों से देखते हैं,लोगों से बात करते हैं और उन समस्याओं के समाधान के लिए नए-नए उपाय खोजते हैं। इन उपायों को सभी लोगों के बीच पहुंचाने के लिए ही आज की मीटिंग आयोजित की गई है ताकि सभी जनपद और देश के राज्य इन नए-नए तरीकों से कोरोना से लड़ाई लड़ सके।
गांवों को संक्रमण से बचाना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप लोग गांव में जाकर ग्रामीणों से बात करते हैं तो उनके मन का डर निकल जाता है तथा उनकी आशंकाएं आत्मविश्वास में बदल जाती हैं। लोगों में महामारी से लड़ने का और गांव को बचाने का साहस आ जाता है। उनका विश्वास बढ़ता है इन्हीं भावनाओं के साथ हमें गांवों को पूर्ण संक्रमण से बचाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फिलहाल केस तो कम हो रहे हैं लेकिन हमें अभी भी आने वाली चुनौती के लिए सक्रिय रहना है। सरकार जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन सभी की जिम्मेदारी वर्तमान में और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
बहरूपिया है यह वायरस
गांव और बाजारों में कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। टीकाकरण के लिए प्रत्येक 15 दिन की वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। जल्द यह हालात और सुधरेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वायरस रूप बदलने में माहिर है यह बहरूपिया है, लिहाजा हमारी रणनीति भी उसी के मुताबिक होनी चाहिए। एक वैक्‍सीन की बर्बादी का मतलब एक जान है लिहाजा इसे रोकना जरूरी है। जिलाधिकारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की अलग-अलग समीक्षा करें गांव के लोगों को विश्वास में लें। वह जल्द नियमों को मानने के लिए तैयार हो जाते हैं आने वाली तीसरी लहर में युवा और बच्चों को बचाना हमारी चुनौती है लिहाजा इसके लिए सक्रियता से काम करें और योजना बनाएं।

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