जूनियर चौधरी जयंत 25 को बनेंगे चौधरी अजित सिंह के सियासी उत्तराधिकारी

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हाइलाइट्स:

  • अजित सिंह के छह मई को निधन के बाद राष्ट्रीय लोकदल ने 25 को बुलाई बैठक।
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की होगी वर्चुअल मीटिंग।
  • मीटिंग में जयंत चौधरी को पार्टी की बागडोर सौंपने की औपचारिकता होगी पूरी।

मेरठ: राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष छोटे चौधरी के नाम से मशहूर अजित सिंह के निधन के बाद अब 25 मई को पार्टी को बागडोर उनके पुत्र जूनियर चौधरी जयंत चौधरी को सौंपने की तैयारी है। जयंत चौधरी अभी तक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग 25 मई को बुला ली गई है। हालांकि इस मीटिंग में कुछ दूसरे जरूरी मुद्दों पर विचार होगा। कोरोना गाइडलाइन के चलते यह मीटिंग वर्चुअल रखी गई है।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव समरपाल सिंह के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने 25 मई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग रखी है। इसका एजेंडा अजित सिंह की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन और दूसरे मुद्दों पर विचार करना है। पार्टी के एक प्रदेश पदाधिकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर जयंत चौधरी के चयन को लेकर कोई दो राय नहीं है। वैसे भी लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से पार्टी संगठन का काम जयंत चौधरी ही देखते हैं।
यूपी में हर मुद्दों पर पार्टी का चेहरा बने जयंत
अजित सिंह संवैधानिक तौर से अध्यक्ष के पद पर थे लेकिन एक तरह से संरक्षक की भूमिका निभा रहे थे। अजित सिंह सारे मसलों को जयंत चौधरी के पास भी भेज देते थे। हाथरस कांड के बाद वहां जाना हो, लाठीचार्ज के खिलाफ जगह-जगह सभाएं करनी हो या फिर किसान आंदोलन से जुड़कर वेस्ट यूपी में 20 से ज्यादा किसान महापंचायतें करने की बात हो, सब बतौर पार्टी के चेहरे जयंत चौधरी ने ही की थी।
हर किसी की नजर जयंत चौधरी पर
आरएलडी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी का कहना है कि अजित सिंह हमारे प्रेरणास्रोत थे और रहेंगे। जयंत चौधरी हमारे सर्वमान्य नेता हैं। युवा हैं,जोशीले हैं। किसानों और हर वर्ग की आवाज बुलंद करने की उनमें क्षमता है। कार्यकारिणी का फैसला सर्वोपरि है। वैसे मौजूदा सियासी दौर में राष्ट्रीय लोकदल से आमजन को उम्मीद ज्यादा है। यूपी में हाल में हुए पंचायत चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल को जनता ने पसंद किया। विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं,ऐसे में चौधरी अजित की गैरमौजूदगी में इस चुनाव में फतह करने के लिए हर किसी की नजर जयंत चौधरी पर रहेगी।

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