कठिन समय में भी नहीं डिगे बेबी के पैर,अपने फर्ज को जिम्मेदारी के साथ कर रहीं पूरा

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  • कोविड सैम्पलिंग में ड्यूटी की,खुद को कोरोना से रखा सुरक्षित।
  • एएनएम बेबी यादव ने हार नहीं मानी और जज्बे से की ड्यूटी।

कासगंज: बेबी यादव जिनकी,ड्यूटी कोविड सैंपलिंग में लगी हैं। कोविड-19 की तेज रफ्तार होने के बाद भी उनके कदम नहीं डिगे। उन्होंने हौसले से काम लेते हुए लगातार ड्यूटी की। ड्यूटी पर अपना फर्ज निभाते हुए खुद को भी सुरक्षित बनाये रखा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अशोकनगर कासगंज में बेबी की तैनाती है। उन्होंने पिछले साल मार्च से फील्ड में सैम्पलिंग की और अशोकनगर में वैक्सीनेशन में भी ड्यूटी की। अब वह अशोकनगर पर कोविड सैम्पलिंग में भी ड्यूटी कर रही हैं। प्रत्येक ड्यूटी के बाद 30 वर्षीय एएनएम बेबी ने बताया कि उनकी शिफ्ट बदल जाती थीं। सुबह, शाम, रात में भी ड्यूटी की।
उन्होंने बताया कि रात की ड्यूटी में थोड़ी दिक्कत होती थी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी हिम्मत और जज्बे से लगातार अब भी ड्यूटी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान एक भी छुट्टी नहींं ली। वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासगंज के साथ कोविड सैंपलिंग व कोरोना टीकाकरण के साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान जन आरोग्य योजना के बारे में भी आम जनता को जागरूकता करने का प्रयास कर रही हैं।
बेबी यादव का कहना है कि तीन शिफ्ट में थर्मल स्क्रीनिंग ड्यूटी के दौरान ही उन्हें सर्दी,ज़ुकाम आदि की शिकायत हुई। उन्होंने कोरोना की जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिवार की जांच भी कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए अस्पताल से पूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनकी ड्यूटी के साथ जिला अस्पताल मामो के लैब टेक्नीशियन राहुल व अन्य लोग भी ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी के बाद उनकी हर हफ्ते कोविड जांच कराई जाती है। हर बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। बेबी ने बताया कि उन्होंने कोविड गाइडलाइन के सभी नियमों को निभाया।
उन्होंने बताया कि उनके घर पर एक अलग रूम,टॉयलेट, वाशरूम और सारी सुविधा है। ड्यूटी से आने के बाद इनका ही इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्हें उनके परिवार और साथियों का सहयोग मिल रहा है। ड्यूटी से आने के बाद नहाये बगैर वे किसी से नहीं मिलती हैं।
उन्होंने बताया कि पड़ोसियों की ओर से उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को इस दौरान भेदभाव का भी सामना करना पड़ता है। लोग मानते हैं कि यह कोविड में सैम्पलिंग करती हैं,कहीं पॉजिटिव न हों और मौहल्ले में संक्रमण फैल जाए। लेकिन अपनी हिम्मत के बल पर बेबी व उनका परिवार भेदभाव का सामना कर रहा हैे और वह अपनी ड्यूटी कर रही है। मरीजों की सेवा करने का जिम्मा उठा लिया है। वह लगातार सीएचसी अशोकनगर पर कोरोना सैम्पलिंग में ड्यूटी कर रही हैं और अधिक से अधिक लोगों को कोरोना जांच व कोरोना टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने टीके की दोनों डोज़ लगवाई है।

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