मेरठ में कोरोना के होम आइसोलेटेड मरीजों के घर पर होगी ऑक्सीजन की डिलीवरी

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मेरठ कमिश्नर ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने कोरोना से डरकर ऑक्सीजन गैस के सिलेंडरों को बिना जरूरत ही घरों में जमाखोरी की है। ऐसे लोगों के खिलाफ एस्मा के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ: ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी के बीच मेरठ मण्डल के कमिश्रनर ने ज़रुरतमंदों को बड़ी राहत देने का निर्देश दिया है। मेरठ मण्डल के कमिश्रनर का कहना है कि गाज़ियाबाद ज़िले में ज़रुरतमंदों को ऑक्सीजन की होम डिलीवरी शुरु की जा चुकी है और मेरठ में बहुत जल्द ये सेवा शुरु होगी। कमिश्रनर सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि जनपद के इंटीग्रेटेड कंट्रोल फोन कर ज़रुरतमंद ऑक्सीजन की होम डिलिवरी की जानकारी ले सकते हैं। लेकिन वहीं लोग इसका लाभ ले सकेंगे जिनको वाकई में ऑक्सीजन की ज़रुरत है। अगर किसी ने ऑक्सीजन स्टॉक किया या फिर किसी के घर में बेवजह ऑक्सीजन मिली तो उसके खिलाफ एस्मा के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
होम आइसोलेशन में इलाज कराने वाले कोरोना संक्रमितों के लिए आक्सीजन की व्यवस्था करने की मारामारी को खत्म करने की योजना के तहत ये बड़ा कदम उठाया गया है। इसके लिए नगर निगम की टीमों की मदद से ऑक्सीजन सिलेंडर की होम डिलीवरी कराने की तैयारी पूरी हो गई है। मेरठ मण्डल के कमिश्रनर सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में यह सुविधा शुरू भी हो चुकी है और मेरठ में भी इसे शुरू कराने का दावा मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होम आइसोलेशन वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को मेडिकल किट पुलिस की डायल 112 गाड़ियों की मदद से पहुंचाई जाएगी। सीएचसी, पीएचसी, उपकेंद्र और सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल से भी बिना समय गवाएं मरीज के परिजन मेडिकल किट प्राप्त कर सकेंगे।
मंडल की समीक्षा बैठक के बाद कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि घरों में रहने वाले मरीजों के लिए आक्सीजन की व्यवस्था करना मरीजों के परिवारजनों तथा सरकारी सिस्टम दोनो के लिए मुसीबत बना हुआ है। इस समस्या का समाधान मरीज के घर पर आक्सीजन की होम डिलीवरी ही है। कोरोना मरीजों को इलाज के लिए मेडिकल किट मिलने में भी खासा विलंब हो जाता है। इस विलंब को समाप्त करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सीएचसी, पीएचसी, आयुर्वेदिक अस्पताल, उपकेंद्रों पर मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीज के परिवारजन तत्काल मेडिकल किट ले जाकर मरीज का सही इलाज शुरू कर सकेंगे। पुलिस की गाड़ी डायल 112 नंबर में भी मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएंगी। ताकि आपात स्थिति में उक्त गाड़ी की मदद से भी मेडिकल किट मरीज को पहुंचाई जा सके। ​बागपत में यह कार्य शुरू हो चुका है।
कमिश्नर ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने कोरोना से डरकर आक्सीजन गैस के सिलेंडरों को बिना जरूरत ही घरों में एकत्र कर लिया है। ऐसे लोगों पर एस्मा और डिजाजस्टर मैनेजमेंट की धाराओं में कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास आक्सीजन सिलेंडर हैं और उन्हें फिलहाल जरूरत नहीं है वे उन्हें या तो किसी जरूरतमंद को दे दें या फिर जिलाधिकारी और कमिश्नर कार्यालय में जमा करा दें। उन्हें जरूरत पड़ने पर दो घंटे के नोटिस में सिलेंडर वापस उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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