कोरोना संकट की इस घड़ी में भारत के साथ खड़ी दुनिया,इन देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ

देश देश-दुनिया नई दिल्ली

नई दिल्ली: मुश्किल की इस घड़ी में कई देश भारत के साथ खड़े हो गए हैं। अमेरिका,ब्रिटेन,यूएई और सिंगापुर जैसे देश भारत की मदद के लिए आगे आए हैं। संकट की इस घड़ी में अमेरिका ने कहा है कि वह कोविशील्ड वैक्सीन के उत्पादन के लिए भी भारत को जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति करेगा ताकि वैक्सीन के उत्पादन के काम में तेजी लाई जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि अमेरिका भारत की मदद करने को लेकर दृढ़-संकल्पित है।
ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों से दूसरे राज्यों के लिए स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। कई राज्य दूसरे देशों से भी ऑक्सीजन मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच भारत ने ‘ऑक्सीजन मैत्री’ ऑपरेशन के तहत ऑक्सीजन कंटेनर और ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त करने के लिए कई देशों से संपर्क किया है और कई देशों ने भारत को मदद की पेशकश की है।
सिंगापुर और सऊदी अरब की भारत को मदद
सिंगापुर से जरूरी सप्लाई की पहली पहली खेप लेकर एक विमान बीती रात मुंबई पहुंचा। सिंगापुर ने भारत के लिए 500 बाईपैप,250 ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर और दूसरी मेडिकल सप्लाई भेजी। वहीं,रविवार सुबह एयर इंडिया के एक विमान के जरिए न्यूयॉर्क के जॉन एफ केनेडी हवाई अड्डे से भारत के लिए 318 ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर की पहली खेप भेजी गई जो सोमवार सुबह दिल्ली पहुंची।
सऊदी अरब से ऑक्सीजन की पहली खेप दम्मम बंदरगाह से समंदर के रास्ते गुजरात के मुंद्रा के लिए निकल चुकी है। भारत को आपातकालीन जरूरत के लिए सऊदी अरब चार क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर और 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन भेजने वाला है। सऊदी गैजेट के अनुसार,अडाणी ग्रुप और लिंडे कंपनी के सहयोग से ये ऑक्सीजन भारत लाई जा रही है। इसके अलावा, लिंडे कंपनी भारत के लिए 5000 ऑक्सीजन सिलेंडर भी देगी, जिसे भी जल्द से जल्द भारत के अस्पतालों में पहुंचाया जाएगा।
ब्रिटेन,जर्मनी और फ्रांस भी मदद को तैयार
संकट के इस समय में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उनकी सरकार भारत सरकार के साथ मिल कर काम कर रही है और कोरोना से लड़ने के लिए ब्रिटेन 300 से ज्यादा ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर समेत 600 मेडिकल डिवाइस भारत भेज रहा है। इस तरह दवाओं और मेडिकल सामान की कुल नौ खेप भारत के लिए भेजी जा रही हैं,जिसकी पहली खेप मंगवार को दिल्ली पहुंचेगी।
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने रविवार को भारत में कोरोना के हालात पर चिंता जताई और कहा कि उनकी सरकार भारत की मदद के लिए आपातकालीन मदद की व्यवस्था में जुटी है। जर्मनी भारत के लिए मोबाइल ऑक्सीजन जेनेरेटर और अन्य मेडिकल सप्लाई भेजने की तैयारी में है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि महामारी से लड़ रहे भारत के लिए वह आने वाले दिनों में ऑक्सीजन वेंटिलेटर भेजेगा।
यूरोपीय संघ भारत के लिए जुटा रहा संसाधन
यूरोपीय संघ भी कोरोना से लड़ने में भारत की तेजी से मदद के लिए संसाधन जुटा रहा है। 27 देशों के इस शक्तिशाली समूह के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईयू ने पहले ही अपनी नागरिक रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया है ताकि भारत को तुरंत ऑक्सीजन और दवा की सप्लाई सहित अन्य मदद की जा सके। असम में पड़ोसी देश भूटान की तरफ से भी ऑक्सीजन सप्लाई करने के प्रबंध किये गए हैं।भूटान में नया ऑक्सीजन संयंत्र लगाया जा रहा है।

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