कोविड संक्रमण से बचाव हेतु सरकार और समाज दोनो का सहयोग जरुरी: प्रधानमंत्री

उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया वाराणसी मंडल
  • प्रधानमंत्री ने वाराणसी में कोविड-19 पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बातचीत की
  • प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ वाराणसी के लोगों की हर संभव सहायता करे: प्रधानमंत्री
  • “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी” का अनुपालन और 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करे प्रशासन: प्रधानमंत्री
  • प्रधानमंत्री ने ट्रैकिंग, ट्रेसिंग और टेस्टिंग पर पुनः जोर दिया, पहली लहर की तरह ही यह दूसरी लहर से लड़ने हेतु भी महत्वपूर्ण

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनपद वाराणसी में कोविड-19 की स्थिति पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा कोरोना से बचाव तथा कोरोना संक्रमित मरीजों के समुचित उपचार हेतु टेस्टिंग, बेड,दवाइयाँ,वैक्सीन तथा मैन पावर आदि की जानकारी ली गई। उन्होंने जनता को हर संभव सहायता त्वरित रूप से उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी” का पालन सभी लोगों द्वारा किया जाये। प्रधानमंत्री ने वैक्सीनेशन अभियान के महत्त्व पर बल देते हुए कहा की प्रशासन 45 साल से ज्यादा की उम्र के सभी लोगों को इस हेतु जागरूक करें। उन्होंने प्रशासन को भी पूरी संवेदनशीलता से वाराणसी के लोगों की संभव सहायता करने के लिए कहा।
प्रधानमंत्री ने देश के सभी डॉक्टरों,सभी मेडिकल स्टॉफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा की इस संकट की घडी में भी वह अपने कर्त्तव्य का निष्ठापूर्ण पालन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि हमें पिछले साल के अनुभवों से सीखते हुए सतर्क रहकर आगे बढ़ना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि वाराणसी के प्रतिनिधि के रूप में वह आम जनता से भी निरंतर फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी में पिछले 5-6 वर्षों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और आधुनिकीकरण से कोरोना से लड़ने में सहायता मिली है। इसके साथ वाराणसी में बेड्स, आईसीयू और ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाया जा रहा है। मरीजों की बढ़ी हुई संख्या से उत्पन्न दबाव को देखते हुए हर स्तर पर प्रयास बढाने की जरुरत पर भी प्रधनमंत्री ने विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वाराणसी प्रशासन ने तेजी के साथ ‘काशी कोविड रिस्पोन्स सेन्टर’ स्थापित किया है, वैसी ही तेजी हर कार्य में लायी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ पर जोर देते हुए कहा कि पहली लहर की तरह ही वायरस से जीतने के लिए यही रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग और टेस्ट रिपोर्ट को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने पर भी बल दिया। उन्होंने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों और उनके परिवार के प्रति भी सभी जिम्मेदारियों के संवेदनशील तरीके से निर्वहन का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री ने वाराणसी स्वयंसेवी संगठनों की प्रशंसा की करते हुए कहाकि उन्होंने जिस प्रकार सरकार के साथ कदम मिलकर कार्य किया है उसे और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने पुनः स्थिति को देखते हुए अधिकाधिक सतर्कता और सावधानी बरतने पर बल दिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को कोविड से बचाव तथा ईलाज हेतु क्षेत्र में की गयी तैयारियों की सूचना दी। इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हेतु स्थापित कण्ट्रोल रूम,होम आइसोलेशन के लिए बनाये गए कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर, डेडीकेटेड फोन लाईन एम्बुलेंस,कण्ट्रोल रूम से टेलीमेडिसीन की व्यवस्था,शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त रैपिड रिस्पान्स टीम की तैनाती आदि विषयों पर जानकारी दी गयी। प्रधानमंत्री को सूचित किया गया कि कोविड से बचाव के लिए अभी तक 198383 व्यक्तियों को प्रथम व 35014 व्यक्तियों को वैक्सीनेशन की दोनों डोज लग चुकी है।
इस वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान एम.एल.सी./ कोविड प्रभारी वाराणसी ए.के.शर्मा,मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल,पुलिस आयुक्त ए.सतीश गणेश,जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा,नगर आयुक्त गौरांगराठी ,निदेशक बी.एच.यू. प्रो.बी.आर.मित्तल,राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल,विधायक रोहनियां सुरेन्द्र नारायन सिंह,एम.एल.सी.अशोक धवन तथा एम.एल.सी. लक्ष्मन आचार्य उपस्थित रहे।

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