सीएम योगी ने अफसरों को चेताया,बोले-गलतफहमी में न रहें,यूपी में नहीं लगेगा लॉकडाउन

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सीएम ने 108 एंबुलेंस सेवा का रेस्पांस टाइम 15 मिनट रखने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जिलों में अफसरों को काफी सख्त लहजे में चेताया है। उन्होंने कहा,गलतफहमी में न रहें,लॉकडाउन नहीं लगेगा। हम जनता को मरने नहीं देंगे,बेड की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। पहले से पूरी तैयारी करें। आवश्यकतानुसार निजी हॉस्पिटलों और मेडिकल कॉलेजों का टेकओवर करें। उन्होंने जिलों में टेस्टिंग,ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर जोर दिया। सीएम योगी ने हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर समीक्षा बैठक की थी।
सीएम योगी कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए रणनीति से लेकर क्रियान्वयन को तरजीह दे रहे हैं। उनका पूरा जोर कोरोना संक्रमण और बढ़ने से पहले तैयारियों को लेकर है। उन्होंने इस बात की तस्दीक भी की कि कोरोना के खिलाफ संघर्ष को पूरी तैयारी के साथ मजबूती से लड़ना होगा। इस संघर्ष में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने में सफलता मिली है। उसी प्रकार से इस बार भी हम मजबूती से लड़ाई लड़ते हुए हम सफल होंगे।
इसके लिए उन्होंने एल 2 और एल 3 के बेड्स पर्याप्त मात्रा में बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने निजी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज का टेकओवर करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों और लैब में निर्धारित दरों से अधिक वसूली पर नाराजगी जाहिर की और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी की मजबूरी का फायदा,नहीं उठाने दिया जाएगा। इसे सख्ती के साथ रोकें। गलत जानकारी देने पर कठोर कार्रवाई होगी।
सीएम ने 108 एंबुलेंस सेवा का रेस्पांस टाइम 15 मिनट रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूरी लड़ाई का केंद्र बिंदु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को बनाने और उसकी एक-एक गतिविधि की निगरानी पर जोर दिया है।
निजी लैब्स भी हो सकती हैं टेकओवर
सीएम योगी ने जांच और उसकी रिपोर्ट में देरी पर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस बारे में निजी लैब्स का भी सहयोग लिया जाए और जरूरी हो तो टेकओवर कर इसके बदले में पेमेंट किया जाए, लेकिन किसी सूरत में जांच रिपोर्ट में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लैब और टेस्टिंग की क्षमता के विस्तार पर जोर दिया है। आरटीपीसीआर की टेस्ट की क्षमता को 70 फीसदी तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

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