संस्कार भारती ने मेरठ में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया

उत्तर प्रदेश के मंडल मेरठ मंडल

मेरठ: रंगो के पावन पर्व होली के अवसर पर संस्कार भारती मेरठ मयराष्ट्र ने मंदिर मूर्ति महादेव उर्फ नागा बाबा ट्रस्ट, सूरज कुण्ड, मेरठ में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरूआत मोहित जैन, राजगोपाल कात्यायन, अनिरूद्ध गोयल एवं डा. सुदेश यादव दिव्य द्वारा सामुहिक रूप से मां शारदे एवं मां भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्र्यार्पण से हुई। कवि चौपट चतुर्वेदी ने कुछ इस तरह अपने अंदाज में कहा—फागुन में जो बिछडे हैं वो सावन में मिलेंगे, भारत में न मिल पाये तो लंदन में मिलेंगे। सुनाकर श्रोताओं को खूब हंसाया। बिजनौर से पधारे कवि हुक्का बिजनौरी ने कुछ इस तरह से अपनी बात को कहा— मिलावट के खेल में हम कुछ इस कदर आगे बढ़ गए, कीडे मारने की दवा में भी कीडे पड गऐ। सुनाकर श्रोताओं को खूब हंसाया। मुरादनगर से पधारे हास्य कवि प्रमोद लटठ ने कुछ इस तरह अपनी कविता सुनाई की श्रोता हंसते हंसते लोटपोट हो गए, उन्होंने सुनाया— म्हारी घरआडी, पहाड से भारी। कवि सुदेश यादव दिव्य ने अपनी हास्य व्यंग्य की कविता सुनाकर खूब वाहवाही लूटी, उन्होंने कुछ इस अंदाज में अपनी बात कही— मैं पांचवी शादी की खुशी में झूम रहा था, पत्नी के हाथों को चूम रहा था, तभी अचानक पुलिस आ गई। सुनाकर खूब तालियां बटोरी। कवि मंगल सिंह मंगल ने सुनाया— गजलों की बहरों पर जब गीत लिखूंगा मैं। को खूब वाहवाही मिली। कार्यक्रम में सुधाकर आशावादी, रचना वानिया, माला सिंह, सुधा शर्मा ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्रा त्यागी ने की और कार्यक्रम का संचालन डा.सुदेश यादव दिव्य ने किया। कार्यक्रम में राकेश आचार्य, इन्द्रजीत कथूरिया, कंवल जीत सिंह कविल त्यागी, अजय वर्मा, आदर्श गोयल, श्याम सुन्दर का विशेष योगदान रहा।

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