शहीद भगत सिंह,सुखदेव एवं राजगुरु को किया याद

अलीगढ़ मंडल उत्तर प्रदेश के मंडल देश देश-दुनिया

अलीगढ़: स्वाधीनता संग्राम के महान योद्धा सरदार भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को अंग्रेजों ने राष्ट्रद्रोही बताकर फांसी पर लटकाया था। आज इन योद्धाओं के “बलिदान दिवस” शहीदी दिवस पर सम्मान एवं श्रद्धा के साथ याद किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रदेश के प्रभारी विवेक बंसल ने कांग्रेस कैंप कार्यालय पर हुए कार्यक्रम में इन तीनों शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर विवेक बंसल ने कहा कि सरदार भगत सिंह,सुखदेव व राजगुरु भारत माता के सच्चे सपूत थे। उसकी स्वाधीनता के लिये उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इन तीनों शहीदों की इस कुर्बानी को राष्ट्र कभी भूल नहीं सकता। इस अवसर पर प्रमुख कांग्रेसजनों में पं.गौरीशंकर शर्मा, शाहिद खान, अखिलेश शर्मा, शाहिद शैख, अमजद हुसैन, ज्ञानेंद्र दीक्षित, जमीर अहमद, अरविन्द शर्मा, कंछीलाल भारती, विनेश कुमार सिंह, आमिर मुन्तजिर, महेश गर्ग, आजम कुरैशी, अंचित तौमर, हेमप्रकाश सैनी, रिजवान खान, पिंकू बघेल, रामसेवक शर्मा, अरुण शर्मा, जोजफ जॉन, मौहम्मद मुबीन आदि के साथ अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वहीं दूसरी ओर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने एक प्रभात फैरी निकाली जो पानदरीबा स्थित पार्टी आफिस से मीनाक्षी पुल होते हुए गांधीपार्क पहुंची। उन्होंने उसमें एक वक्तव्य पढ़कर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजली दी। भगत सिंह की उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के खैर तहसील के गांव शादीपुर की माटी आज भी बिखेरी गई खुशबू को महसूस कर रहा हैं। जहां वह 18 महीने तक रुके थे। अलीगढ़ जनपद में गांव शादीपुर में शहीद भगत सिंह ने नेशनल स्कूल के नाम से शिक्षा रूपी पौधा रोपित कर बच्चों को 18 महीने तक देशभक्ति का पाठ पढ़ाया था। यहां पर वह अंग्रेज सैनिकों से मोर्चा लेने के लिए लोगों को बम बनाना भी सिखाया करते थे। शादीपुर में ही भगत सिंह के पास खैर क्षेत्र के अधिकांश लोग पढ़ने आते थे। इनमें से कई बाद में क्रांतिकारी भी निकले। खेद का विषय हैं कि शादीपुर गांव में भगतसिंह के नाम से कोई स्मारक आज तक नहीं बना है। भगत सिंह की ओर से रोपा गया शिक्षा का पौधा उदासीनता के चलते सूख चुका है। जिस स्थान पर पढ़ाते थे,वह खंडहर में तब्दील हो गया। कुआं जमींदोज हो गया हालांकि उसके पास कुंडी अभी है,जिसमें वह नहाया करते थे। क्या यही सच्ची श्रद्धांजली है।
भारत सरकार को चाहिए कि वह गांव शादीपुर में शहीद भगत सिंह का स्मार्क बनाए और नेशनल पब्लिक स्कूल का जीर्णोधार कराए, यही भगत सिंह को सच्ची श्रद्धांजली होगी। प्रभात फैरी में सुभाष चंद,राजेश कुमार,रवि लोधी,पिंकी, राजेश सैनी,रीता और सावित्री सैनी आदि उपस्थित थे।

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