शिक्षा और जागरूकता से महिलाएं बनेगी सशक्त: श्रीमती स्तुति नारायण कक्कड,सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति व पूर्व आईएएस

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सुभारती विश्वविद्यालय में विदुषी सम्मान का आयोजन। देशभर की सशक्त महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य करने पर सुभारती विश्वविद्यालय ने किया सम्मानित। शूटर दादी प्रकाशों तोमर व चन्द्रो तोमर सहित सामाजिक, राजनैतिक, प्रशासनिक आदि विभिन्न क्षेत्रों में परचम लहराने वाली महिलाओं को किया गया सम्मानित। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां में दिया नारी शक्ति का संदेश।
मेरठ:स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय में महिला दिवस के उपलक्ष में मनाए जा रहे महिला सप्ताह के अंतर्गत मांगल्या प्रेक्षागृह में देशभर की सशक्त महिलाओं को सम्मानित करके नारी शक्ति का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुभारती विश्वविद्यालय की संस्थापिका डा.मुक्ति भटनागर,कुलाधिपति श्रीमति स्तुति नारायण कक्कड,आईएएस व असिस्टेंट डायरेक्टर डीआरडीओ डा.तनू जैन एवं सीईओ डा.शल्या राज के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन करके किया।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही सशक्त महिलाओं का स्वागत सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा.शल्या राज ने किया। उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी महिलाओं के नेतृत्व गुण का व्याख्यान कर रही है। उन्होंने सम्मानित होने वाली सभी सशक्त महिलाओं को बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाएं दी।
सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रिगेडियर डा.वी.पी.सिंह ने कहा कि देश के विकास में महिलाओं की अग्रणीय भूमिका है और आज के समय में जिस प्रकार हर क्षेत्र में महिलाएं सफलता का परचम लहरा रही है उससे हमारे देश को गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि सुभारती विश्वविद्यालय लैंगिक समानता पर बल देकर कार्य कर रहा है और विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष कार्यक्रम के माध्यम से उनमें कौशल विकास के गुण रोपित करके दक्ष बनाया जा रहा है।
सुभारती विश्वविद्यालय की संस्थापिका डा.मुक्ति भटनागर ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे देश में महिला प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति, सांसद एवं आजादी के अंदोलन का नेतृत्व करके ये साबित कर चुकी है कि समाज में महिलाएं हर मैदान में पुरूषों से आगें है लेकिन समाज में अक्सर महिलाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जाती है जो बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि देश का विकास तब ही हो सकता है जब महिला शिक्षित हो और एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षा देती है, इसलिए महिलाओं को शिक्षा एवं कानून के प्रति जागरूक होने ही आवश्यकता है। उन्होंने देशवासियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि नारी का सम्मान करते हुए उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए ताकि महिलाएं अपनी प्रतिभा से देशहित में कार्य कर सके।
मुख्य अतिथि एवं सुभारती विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमति स्तुति नारायण कक्कड ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा देश में महिलाओं को सम्मान एवं समानता का दर्जा देने के लिए विभिन्न कानून बनाएं गए है जो महिलाओं को सशक्त करके संरक्षण प्रदान करते है लेकिन कानून का लाभ विधिक जागरूकता से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होकर समाज में विधिक जागरूकता लानी होगी जिससे समाज के हर वर्ग की महिलाओं को अपने अधिकारों का पता चल सकें ताकि वह समाज की मुख्य धारा से जुड़कर विकसित बन सकें।
सुभारती डेन्टल कॉलिज की पूर्व छात्रा तथा वर्तमान आईएएस डा.तनू जैन ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिलाओं को खुद को एम्पावर करना चाहिए। महिला एम्पावर मेरे अनुसार तब कहलती है जब वह खुदको और परिवार को संभाल सकें। उन्होंने शादियों में होने वाले खर्च में कटौती की बात भी कही।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक प्रबन्धन संकाय के डीन व निदेशक डा.आर.के.घई ने बताया कि कार्यक्रम में देशभर की प्रतिभाशाली महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए विदुषी सम्मान से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित करके विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रेरणा दिलाना है।
उन्होंने बताया कि सम्मानित होने वाली महिलाओं में मोदीनगर से विधायक डा.मंजू शिवाच,सुभारती डेन्टल कॉलिज की पूर्व छात्रा वर्तमान आईएएस डा.तनू जैन, दिशा फाउंडेशन से डा.उदिता त्यागी,अनीता राणा,शूटर दादी चन्द्रो तोमर,प्रकाशी तोमर,डा. मधु वत्स,डा.अंशू जिंदल,डा.मंदाकनी कपूर आदि को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही गार्गी गर्ल स्कूल के की प्राचार्या डॉ. अनुपमा सक्सेना, सेंट जेवियर्स स्कूल मीरापुर की प्राचार्या नीना पाण्डेय, सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल मेरठ की प्राचार्या छवि शर्मा, सेंट जॉन्स स्कूल की प्राचार्या डा.शिमोना जैन,दशमेश पब्लिक स्कूल की निदेशक डॉ. सिम्मी सहोता, सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्या रशमी मिश्रा, शांति पब्लिक स्कूल की प्राचार्या ललिता गुप्ता, डीएमए स्कूल की प्राचार्या डा.रितु दीवान,भारतीय गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्राचार्य अंजली प्रकाश, सोफिया गर्ल्स स्कूल की प्राचार्या सिस्टर गेल को भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के मिशन और विजन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई तथा सुभारती ललित कला संकाय की पत्रिका ‘आर्ट फ्रेगनेंस’ के 9वें अंक का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में प्रबन्धन संकाय, नर्सिंग कॉलिज, नेचुरौपेथी कॉलिज, फाइन आर्ट कॉलिज के विद्यार्थियों ने नारी शक्ति के विषय पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच का संचालन डा.पदमा मिश्रा ने किया। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों,महाविद्यालयों तथा विभागों की शिक्षिकाएं एवं छात्राएं भी इस मौके पर उपस्थित रही।कार्यक्रम में सुभारती ट्रस्ट के अध्यक्ष डा.हिरो हितो, प्रतिकुलपति डा.विजय वधावन,डा.डीसी सक्सेना, अतिरिक्त कुलसचिव सैयद ज़फ़र हुसैन,डा.वैभव गोयल भारतीय,डा.मनोज कपिल,डा.पिंटू मिश्रा,डा.नीरज कर्ण सिंह,डा.अभय शंकर गौडा,डा.संदीप चौधरी,डा.गीता परवंदा,डा.शिव मोहन,डा.पूनम कौशिक,तरुण कमबोज आदि सहित समारोह आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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