परी हत्याकांड में मानसिक रूप से कमजोर युवक को पुलिस द्वारा उठाए जाने पर नगर में आक्रोश

उत्तर प्रदेश के मंडल क्राइम देश मेरठ मंडल राज्य
  • 7 दिन बाद भी पुलिस नहीं कर सकी परी हत्याकांड का खुलासा।
  • नगर के संभ्रांत व्यक्ति और काफी महिला पुरुषों नें जानसठ कोतवाली का घेराव कर रोड जाम करने की दी चेतावनी।
  • एक घंटा बाद छोड़ने के पुलिस आश्वासन पर वापस लौटे नगरवासी

जानसठ:कस्बे में चार साल की परी हत्याकांड में उस समय आक्रोश फैल गया जब जानसठ पुलिस नेंं एक अर्ध विक्षिप्त युवक को उठा लिया इसकी सूचना नगर में आग की तरह फैल गई और काफी तादाद में महिला व पुरुष और नगर के मौजिज़ व्यक्तियों नें जानसठ कोतवाली पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और नगर वासियों नेंं कहा कि यदि पुलिस अर्ध विक्षिप्त युवक को नहीं छोड़ती तो रोड जाम किया जाएगा । नगर वासियों का कहना है की परी हत्याकांड में पुलिस नेंं इन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था और लगभग 7 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस परी हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस के हाथ खाली नजर आ रहे है। पहले ही दिन राजफाश का दावा करने वाली पुलिस नें यू टर्न लेते हुए जांच की बात कहकर टाल रही है। जबकि कई लोग पुलिस की हिरासत में बैठे हुए है। लेकिन पुलिस कातिल तक नहीं पहुंच पा रही है। जिसके चलते कस्बे में गुस्से की लहर है।
पांच मार्च को हुए परी हत्याकांड को लेकर पुलिस के हाथ सात दिन बाद भी खाली है जबकि पुलिस पहले ही दिन से हत्याकांड का खुलासा करने को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही थी। लेकिन अब पुलिस नेंं यू टर्न लेते हुए मात्र जांच की जा रही है कहकर पल्ला झाड़ लिया है, जबकि कई लोग पुलिस की हिरासत में कई दिन से है। पांच मार्च को परी के गायब होने के बाद पुलिस के हाथ पैर फूल गए थे। अगले दिन पुलिस नेंं परी का शव पास के ही निर्माणाधीन मकान के शौचालय के गडढे से बरामद किया गया था। बंद पड़े मकान के गडढे से शव बरामद होने से यह माना जा रहा था कि जो लोग हिरासत में लिए थे उनकी निशानदेही पर शव को बरामद किया गया था और पुलिस शव बारामद होने के बाद से ही हत्याकांड के राजफाश के लिए आश्वस्त दिखाई दे रही थी। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस केवल जांच की बात कह कर मामले को टाल रही है जबकि कस्बे में हत्याकांड में शामिल लोगों के चेहरे देखने के लिए लोग बेताब दिखाई दे रहे है। कुछ लोग दबी जुबान में इस हत्याकांड की फाइल दबने की बात कहकर पुलिस पर आरोप भी लगा रहे है। चार साल की बच्ची की गला दबाकर हत्या करके बाद में उसके शौचालय के गडढे में फैकने वाले हत्यारे को पुलिस पर बेनकाब करने का दबाव बना हुआ है। यदि शीघ्र ही मामले का राजफाश नहीं किया गया तो कस्बे में लोग सड़कों पर आ सकते है। हालांकि जिस वक्त नगर वासियों की भीड़ जानसठ कोतवाली पहुंची तो उस समय इंस्पेक्टर थाने में मौजूद रहे थे फोन पर हुई वार्ता में इंस्पेक्टर द्वारा अर्ध विक्षिप्त युवक को पूछताछ क करकर एक घंटा बाद छोड़ने का आश्वासन आश्वासन दिया जिस पर नगर वासियों ने एक घंटा बाद दोबारा आने की बात कहकर वापस लौट गए।इस दौरान मुख्य रूप से सैय्यद नवाब, अब्बास अली, हाजी आशु मलिक, नवाब दानिश अली, आमिर, महबूब मेहरबान, यामीन, आदि मौजूद रहे।

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