भा.वि.प के राष्ट्रीय महामंत्री अनुराग दुबलिश ने किया डा.सुबोध गर्ग की नवीनतम पुस्तक “शिक्षाप्रद कहानियाँ” का विमोचन

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मेरठ:फागुन मास के होली पर्व पर अखिल भारतीय साहित्यालोक की परिवारिक सभा नरेन्द्र गोयल की अध्यक्षता में अग्रसैन भवन, दिल्ली रोड,मेरठ पर हुई। जिसका संचालन महामंत्री ब्रजभूषण गर्ग एडवोकेट ने किया। उन्होंने बताया कि नवसम्वत् की पूर्व संध्या दिनांक 12.4.2021 को होने वाले “हिन्दी नववर्ष अभिनन्दन समारोह” को अन्तिम रूप दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.सुबोध गर्ग की नवीनतम पुस्तक “शिक्षाप्रद कहानियाँ” का विमोचन भारतीय विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अनुराग दुबलिश ने किया। डा.सुबोध ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि कहानियाँ हमारे संस्कारों को प्रज्वलित करती हैं। इस अवसर पर साहित्यालोक,भारत विकास परिषद व वैश्य एकता परिषद की ओर से डा.सुबोध गर्ग का सम्मान किया गया। वहीं गजेन्द्र वर्मा प्राचार्य को शिक्षक संघ का अध्यक्ष मनोनित करने पर भी उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूर्व सीएमओ डा.सुखवीर सिंह,आई.आई.एम.टी.के कुलपति डा. योगेन्द्र मोहन गुप्ता,प्रदेश सांस्कृत सदस्य नीता गुप्ता,व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने शुभकामनाऐं प्रेषित की।इस अवसर पर एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। डा.सुबोध ने कोरोना पर अपना मुक्तक पढ़ते हुए कहा कि,”भ्रम-भ्रांतियाँ सब दूर होंगी,कोरोना की दवाई से,सावधानियाँ ही उपयोगी हैं, नया उजाला लाने में”। कि काव्य मंच का संचालन करते हुए युवा कवि प्रशान्त अग्रवाल ने सभागार में उत्साह भरते हुए कहा,”जब तलक ना जान जाए,तब तलक झुकते नहीं,मुश्किलें आए भलें, पर हम कभी रूकते नहीं”। वरिष्ठ कवित्री तुषा शर्मा ने नारियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी रचना कुछ यूँ पढ़ी,”तुमको चाहा तो किसी और को देखा तो नहीं,फिर भी मेरे हाथ में तेरे,नाम की रेखा तो नहीं”। वीर रस के सशक्त कवि सुमनेश ‘सुमन’ ने कुछ इस तरह अपनी कविताओं को सुर दिया,”मेरा अरमान रह जाय,वतन की शान रह जाए,जमाने में सुमन गंगाजली,पहचान रह जाऐ”। प्रतिष्ठ कवि चन्द्र शेखर ‘मयूर’ ने राष्ट्रभाव से प्रेरित कविता पढ़ी,”देख रहा हूँ,मेरे वतन में,हर इक दिशा में आग लगी, लहू हमारा खौल उठा है, तब मैंने भी अंगार लिखी”। युवा एवं जुझारू कवि मन मोहन ‘मान’ने जात-पात पर व्यंग्य कसते हुए कहा,”बनके छलिया अब छलनें लगी है,सियासत यू हमें खलनें लगी है,मजहब उड़ रहा,बेपंख होकर, जात खुद देवता बनने लगी है”। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सत्य प्रकाश गोयल, मूलचन्द गुप्ता,सुनील कंसल,राकेश गुप्ता, नितिन सिंघल,प्रमोद कुमार गुप्ता,राधेश्याम,रंजना मित्तल,यश गोयल,निष्ठा गुप्ता,उषा गर्ग,सुशील गुप्ता आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

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