पश्चिम बंगाल: शिवसेना का बड़ा ऐलान- टीएमसी के समर्थन में हम, नहीं लड़ेंगे चुनाव

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी संग्राम तेज हो गया है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी के बाद शिवेसना ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को अपना समर्थन दिया और कहा कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी।
शिवसेना ने किया ऐलान
ममता बनर्जी को ‘बंगाल की असली शेरनी’ बताते हुए शिवसेना ने तृणमूल कांग्रेस से एकजुटता दिखाने का संकल्प लिया। पार्टी ने पूर्व में कहा था कि वह राज्य में चुनावी मुकाबले में उतरेगी। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने एक ट्वीट कर इसकी घोषणा की और कहा कि पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा के बाद यह फैसला किया गया। रउत ने कहा कि इस वक्त ‘दीदी बनाम अन्य सभी’ का मुकाबला प्रतीत हो रहा है।
टीएमसी को दिया समर्थन
राउत ने कहा,बहुत लोग यह जानना चाहते थे कि शिवसेना पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी या नहीं? पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे जी के साथ चर्चा के बाद यह फैसला किया गया है।’ उन्होंने कहा, ‘ममता दीदी के खिलाफ धन-बल, मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा। इसलिए शिवसेना ने पश्चिम बंगाल चुनाव नहीं लड़ने और उनके साथ खड़ा रहने का फैसला किया है। हम ममता दीदी की जबरदस्त सफलता की कामना करते हैं क्योंकि हमारा मानना है कि वह बंगाल की असली शेरनी हैं।’
उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है टीएमसी
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी द्वारा उम्मीदवारों की अपनी पूरी सूची शुक्रवार को और चुनावी घोषणापत्र अगले सप्ताह के शुरुआत में जारी किये जाने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पिछले चुनावों की तरह उम्मीदवारों की सूची जारी करेंगी। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा,हमने 27 फरवरी को मतदान की तारीखों की घोषणा से पहले ही मसौदा सूची तैयार कर ली थी, हमने शुरू में चरणों में सूची जारी करने का फैसला किया था। हालांकि अब पार्टी प्रमुख द्वारा 294 उम्मीदवारों की पूरी सूची 5 मार्च को घोषित की जाएगी।
9 मार्च को घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद
उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा अपना घोषणापत्र 9 मार्च को जारी किये जाने की उम्मीद है। टीएमसी के सूत्रों के अनुसार,पार्टी ने उम्मीदवारों की सूची से ऐसे वर्तमान विधायकों के नाम हटाने का फैसला किया है जो 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की योजना युवाओं,महिलाओं और ऐसे नेताओं को उम्मीदवार बनाने की है जिनकी स्वच्छ छवि और उनके क्षेत्रों में स्वीकार्यता है।

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